गर्मी में बदलनी होंगी ये आदतें नहीं तो हो सकता है नुकसान

आदत ऐसी चीज है, जो लग जाए वो छूटे नहीं छूटती। गर्मी भी गजब है, जब आती है तब वो भी अपनी आदत से कहां बाज आती है, नाक मे दम कर के रख देती है। शरीर से शक्ति छीन लेती है,पसीने से बेहाल कर देती है। इसलिए वक्त आ गया है अपनी दिनचर्या में से कुछ पुरानी आदतों को बदलने का वरना ये गर्मी तो बढ़ ही रही है। साथ ही परेशानी बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। शरीर के लिए भी और मन के लिए भी।

फिर ये मत कहिएगा बताया नहीं। आगे लेख को पढ़िए और ध्यान दीजिए कि कैसे और कौन कौन से आदतों में सबसे पहले बदलाव करना जरुरी है-

चटोरेपन से हो जाए सावधान

जीभ लपलपाए रहा ना जाए। गर्मी में इस आदत से हाथ जोड़ लीजिए। सेहत बढ़िया रहेगी। बाहर का तला-भुना और खुले में बनाया जा रहा खाने का सामान गर्मी में आपकी सेहत का दुश्मन साबित हो सकता है। इस मौसम में दूषित खाने या पानी से बीमार होने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। बच्चों को भी इन बातों की जानकारी दें। बार कुछ भी खाने से बचें वरना लेने के देने पड़ सकते हैं।

ताबड़तोड़ पेट भर कर न खाएं खाना

सुबह हो दोपहर या शाम। खाने की थाली पौष्टिक हो चाहिए। लेकिन हल्की हो। खाना जितना हल्का और पौष्टिक खाएंगे। पाचन उतना ही बढ़िया रहेगा। इससे शरीर का तापमान भी संतुलित रहेगा। साथ ही दिन भर शरीर भी हल्का महसूस करेंगे। गर्मी में फल से बढ़िया कुछ नहीं। इसलिए गर्मी के मौसम में दिन की शुरुआत मीठे और रसीले फल से करना आपकी सेहत के लिए अच्छा रहेगा जैसे की चीकू, आड़ू, तरबूज, खरबूज या संतरा अच्छा विकल्प हैं। खाने के साथ में प्याज,टमाटर और खीरा सलाद के तौर पर जरूर खाएं।

दिन में 3 से 4 लीटर पियें पानी

शरीर में पानी की कमी न होने पाए। इसलिए एक दिन में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं। सुबह कहली पेट नींबू पानी पीना आपकी सेहत के लिए और भी अच्छा रहेगा। इसके साथ ही छाछ, लस्सी, कच्चे आम का पना, बेल का शरबत या सत्तू का शरबत के भी क्या कहनेइसका तो अपना अलग ही मजा होता है। गर्मियों के मौसम में ये सब भी बहुत फायदेमंद हैं। सीधी बात ये है ऐसे तरल पदार्थ शरीर के सबसे अच्छे मित्र होते है। जो गर्मी में भी आपके शरीर का पूरा ख्याल रखते है और बिमारियों से आपको दूर रखने में मदद करते है।

ज्यादा नमक और मसालें बनेगें दुश्मन

गर्मी के मौसम में खाने में नमक और मसालों पर नियंत्रण रखें। ज्यादा मसालों का सेवन करने से आपके पेट में जलन हो सकती है जिससे आप बीमार पड़ सकते है। इसलिए जितना सादा भोजन करेंगे उतना ही गर्मी में शरीर तरोताजा महसूस करेगा।

फिजूल की घुम्मकड़बाजी पड़ेगी भरी

दिल मनमौजी होता है। कब मन कर जाए बाहर निकलने का जनाब कौन जानता है लेकिन बाहर गर्मी की आग है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच मन को काबू में रखे। जब तक जरुरी ना हो। बाहर ना निकले। दोस्त बुलाए या बच्चे बाहर खेलने की जिद करे कोई बात नहीं,आप समझदार बने। खुद को समझाएं गर्मी बहुत हैऐसे में घर में रहना ही आपके लिए सबसे अच्छा है।

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