5 सबसे असरदार बालों के लिए योगासन

बालों के लिए योगासन: चाहे पुरुष हों या महिलाएँ, हर कोई चाहता है कि उसके बाल काले, घने और मजबूत हों।आज के बदलती लाइफस्टाइल में बाल झड़ने की समस्या मानों हर किसी के लिए एक आम बात हो गयी है। बाल झड़ना कोई बीमारी नही है ये सिर्फ हमारे असंतुलित खान-पान व दूषित वातावरण और साथ ही बालों पर तरह तरह के केमिकल प्रोडक्ट्स को लगाने के करण भी होती है

जितना आप सोच सकते हैं उससे भी ज्यादा आसन है बालों को गिरने से रोकना, आप यदि बताये गये बालों के लिए योगासन को करना शुरू करते है तो बहुत ही जल्दी अपने बालों को गिरने से रोक सकते हैं। हर परिस्थिति में एक बात महत्वपूर्ण है- हमेशा ही रोकथाम उपचार से बेहतर उपाय होता है। तो आइये जान लेते है उन 5 सबसे असरदार बालों के लिए योगासन के बारे में।

बाल झड़ने के कारण (Causes Of Hair Fall)

यूं तो बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन अधिक बाल झड़ने की समस्या का आपके स्वाथ्य से एक गहरा सम्बन्ध है, इसीलिए बाल झड़ने की समस्या को कभी भी नकारना नहीं लेना चाहिए। इस आर्टिकल में हम आपके साथ कुछ प्रमुख और महत्वपूर्ण कारणों को साझा करेंगे।जो बाल झड़ने का मुख्य कारण बन जाते है। जैसे..

जेनेटिक डिसऑर्डर(Genetic Disorder)
हार्मोनल डिसऑर्डर(Hormonal Disorder)
खाने-पीने की बुरी आदतें(Junk Food)
बीमारियां जैसे-टेंशन , डिप्रेशन , हाई ब्लड प्रेशर, डाइबिटीज और दिल की समस्याएं
दवाइयां (Medicines/ Long Time Medical Treatment)
हेयर डाई(Hair Dryer)
रूसी (Dandruff)
नशा जैसे- धूम्रपान(Smoking/Alcohol)

हालांकि, सबसे बड़ा कारण तनाव या चिंता है। Stress, चिंता, तनाव या डिप्रेशन से लड़ने में योग और प्राणायाम बहुत ही फायदेमंद होता है। ये मन को शांत रखता है जिससे तनाव दूर होता है साथ ही योग से शरीर में रक्त संचार बढ़ता है। इसके अलावा, सिर में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में सप्लाई होती है, जिससे बालों का गिरना रुक जाता है।

क्या आप जानते हैं कि भारत में लगभग 3.5 करोड़ पुरुष और 2.1 करोड़ महिलाएं बाल गिरने की समस्या से परेशान हैं? बालों का अचानक सिर से झड़ना डराता है, क्‍योंकि हेयर फॉल का सीधा संबंध हमारी बॉडी हेल्थ और मेंटल हेल्‍थ के साथ है।

झड़ते हुए बालों कैसे रोके (How to Stop Hair Fall)

बालों के झड़ने को धीमा करने या रोकने के लिए आप कई चीजें कर सकते हैं। लेकिन क्या करें यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके बाल क्यों झड़ रहे हैं। कुछ स्थितियां, जैसे गर्भावस्था के बाद बालों का झड़ना एक सामान्य स्थिति है ये कुछ समय के बाद बाल झड़ना रुक जाते है।

यदि आप बालों को झड़ने से बचाना चाहते हैं और लगातार झाड़ते बालों को कंट्रोल (control hair fall) करना चाहते हैं तो आप अपननी लाइफस्‍टाइल में बालों के लिए योगासन को शामिल करें ये करने में जितने आसन है बालों के लिए योगासन के उतने ही ज्यादा लाभ है इसके साथ ही आप अपने बालो के लिए केमिकल फ्री Hair Oil को शामिल करें और बालों को धुलने के लिए एक Best Natural Shampoo का प्रयोग करें

बालों के लिए योगासन के फायदे (Yoga To Stop Hair Loss)

ऐसे सभी आसन, जिन्हें सामने की तरफ झुककर किया जाता है, तेजी से झाड़ते बालों को रोकने में मदद करते हैं। बालों के लिए योगासन को करने से सिर में रक्त संचार बढ़ता है जिससे बालों की जड़ों को पोषण मिलता है। जिससे बालों की जड़ें मजबूत होने लगते है और उनका झड़ना रुक जाता हैं।

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1.बालों के लिए सर्वांगासन

सर्वांगासन को ये नाम इसीलिए मिला है क्योंकि ये आसन शरीर के हर अंग को फायदा पहुंचाता है। सर्वांगासन के अभ्यास से थायरायड ग्लैंड को पोषण मिलता है। इसके कारण आपकी श्‍वसन तंत्र, पाचन तंत्र, मूत्र मार्ग, नर्व्स सिस्टम और तंत्रिका तंत्र सही तरीके से काम करती है।

सर्वांगासन करने का तरीका

  • सबसे पहले पीठ के बल लेट जाए और धीरे-धीरे लंबी गहरी श्वास लेन शुरू करें।
  • अब दोनों पैरों को श्वास छोड़ते हुए ऊपर की तरफ (90 degree)पर लायें और दोनों हाथों की हथेली को जमीन पर रखें।
  • अब दोनों हाथों की कोहनी को मोड़ते हुए हाथों की हथेली से कमर के उपरी भाग को support करना हैं। और कमर को बिल्कुल आसमान की तरफ (180 degree) ऊपर सीधे करने की कोशिश करनी हैं।
  • शरीर का पूरा भार आपके कंधो पर आना चाहिए और गर्दन हल्की सी खोपड़ी की तरफ मुड़ी होनी चाहिए।
  • अब इस पोजीशन मे 30 सेकंड तक रहें हैं। और धीरे-धीरे सांस लेते और छोड़ते रहें।
  • अब आसन की पुनःप्रारंभिक पोजीशन मे वापस आने के लिए धीरे-धीरे पैरों को पेट की तरफ मोड़ते हुए नीचे की तरफ लाना है और हाथों की हथेली के सपोर्ट के साथ पैरों को नीचे जमीन पर वापस रखना हैं।

इस प्रकार सर्वांगासन (Shoulder-stand) का एक चक्र पूरा होता हैं। इस प्रकार हम सर्वांगासन 3 से 5 बार कर सकते हैं।शुरुआत में इस आसन को आप किसी ट्रेनर की मदद से करने क्‍योंकि इसमें सिर नीचे की ओर और पैर उपर की ओर करने होते हैं। जिसकी वजह से शुरूआती समय में थोड़ी दिक्कत होती है।

इसको करने से आपके सिर में रक्त संचार बढ़ाने लगता है। जिससे आपके बाल गिरना बंद हो जाते हैं और और उनकी ग्रोथ भी बहुत अच्‍छी होने लगती है।

सर्वांगासन करते समय बरतें ये सावधानियां

  • महिलाओं को मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान सर्वांगासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • यदि गर्दन में चोट लगी हो, इसके अलावा हार्निया (hernia), हाइपरटेंशन और मोटापे की समस्या (obesity) से पीड़ित व्यक्तियों को भी इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर and Heart से Related कोई समस्या हो उन्हे सर्वांगासन नहीं करना चाहिए|

2.बालों के लिए वज्रासन

इस आसन को डायमंड पोज भी कहा जाता है। अन्य आसनों को जहां खाली पेट करने की सलाह दी जाती है। वहीं इस आसन को भोजन के तुरंत बाद किया जा सकता है। इस आसन के अभ्यास से मूत्र संबंधी समस्याएं, वजन कम करने और पाचन के अलावा पेट में गैस की समस्याओं को भी कम किया जा सकता है।

वज्रासन करने का तरीका

  • सबसे पहले अपने दोनों पैरों को आगे की तरफ सीधा फैलाएं। बाएं घुटने को मोड़ के कुल्हे के नीचे तथा दाएं घुटने को मोड़ के कूल्हे के नीचे रखे।
  • उसके बाद पीछे से पैरों के दोनो अंगुलियों को मिलाए और दोनों कुल्हों को पैरों की एडियों के बीच में रखेंगे।
  • अब दोनों हाथों को जांघ पर रखेंगे।
  • कमर, पीठ और गर्दन को सीधा रखें और सामने की तरफ देखें।
  • सांसो को सामान्य रूप से लेते तथा छोड़ते रहेंगे।

3.बालों के योगासन शीर्षासन

शीर्षासन को सभी योगआसनो का राजा कहा जाता है। इस हेडस्टैंड योग मुद्रा में, शरीर उलटा रहता है और शरीर के वजन को भुजाओं पर संतुलित किया जाता है, जबकि सिर आराम से जमीन पर होता है।शीर्षासन के नियमित अभ्यास से शरीर को अनगिनत लाभ/फायदे होते हैं, लेकिन शुरुआत में शीर्षासन अभ्यास करना इतना आसान नहीं होता है।

शीर्षासन कैसे करें?

यदि आपको शीर्षासन करने में अधिक कठिनाई हो रही है या (आप शीर्षासन करने में सक्षम नहीं हैं), तब आप दीवार के सहारे शीर्षासन का अभ्यास करें।

  • शीर्षासन करने के लिए दीवार के पास योग मैट बिछा लें।
  • अपनी कोहनियों को एक साथ लेकर, अपनी उंगलियों को फंसा लें और अपने सिर को हाथों के बीच रखें। फिर अपने पैरों को स्वयं या किसी परिवार के सदस्य की मदद से उठाने का प्रयास करें।
  • अपने पैरों को दीवार के सहारे सीधा करें और जितना कर सकें उतना देर संतुलन कर के रखें।
  • धीरे-धीरे स्वयं या किसी की मदद से सामान्य स्थिति में वापस आएं और आराम करें।

शीर्षासन में बारतें ये सावधानी (Precautions for Shirshasana)

  • यदि आपको उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, सेरेब्रल या कोरोनरी थ्रॉम्बोसिस एवं ग्लूकोमा (glaucoma) की समस्या है, तो शीर्षासन का अभ्यास न करें।
  • सिर में ब्लड हेमरेज की समस्या, किडनी का रोग और स्लिप डिस्क की समस्या हो, तो इस आसन का अभ्यास (practice) करने से बचें।
  • यदि आपका पेट पूरी तरह से भरा हो, शरीर में थकान हो, सिर दर्द या माइग्रेन की समस्या हो,सिर में चोट लगी हो तो इस आसन का अभ्यास न करें।
  • शीर्षासन की अंतिम मुद्रा में शरीर को उर्ध्वाधर रखें और पीछे या आगे की ओर न झुकाएं, अन्यथा शरीर का बैलेंस बिगड़ सकता है और आपको चोट भी लग सकती है।
  • महिलाओं को मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान शीर्षासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • यदि गर्दन में चोट लगी हो, तो शीर्षासन का अभ्यास न करें। इसके अलावा हार्निया (hernia), हाइपरटेंशन और मोटापे की समस्या (obesity) से पीड़ित व्यक्तियों को भी इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

4.बालों के लिए पवनमुक्तासन (Pavanmukthasana)

इस आसन के अभ्यास से न सिर्फ हेयर फॉल रोकन में मदद मिलती है, बल्कि पेट में फंसी हुई गैस की निकासी में भी मदद मिलती है। पवनमुक्तासन, अपच या खाना न पचने की समस्या को भी दूर करता है।साथ ही कॉन्सिटपेशन या कब्‍ज़ की समस्‍या को हमेशा के लिए दूर करने में भी मदद करता है।

पवनमुक्तासन करने का तरीका

पवनमुक्तासन करने का तरीका बहुत आसान है, लेकिन इस आसन का अभ्यास करने में आपको थोड़ी कठिनाई जरूर हो सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि इस आसन का अभ्यास सही तरीके से किया जाए। आइये जानते हैं

  • फर्श पर पेट के बल शवासन मुद्रा में आराम से लेट जाइये।
  • अपने बाएं घुटने को मोड़िए और जितना संभव हो सके उसे पेट के पास तक ले आइये।
  • अब सांस छोड़ते हुए अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसायें और घुटनों के नीचे रखिए और उनकी सहायता से अपने बाएं घुटने से सीने को छूने की कोशिश कीजिए।

5.बालों के लिए अधोमुख शवासन

इस आसन के अभ्यासबहुत सारे होते है। ये बालों के लिए योगासन तो फायदेमंद है ही साथ ही साथ अधोमुख शवासन साइनोसाइटिस और ठंड लगने या जुखाम होने पर भी बेहद फायदेमंद है। ये आसन मानसिक थकान, अवसाद और इंसोम्निया से निपटने में भी मदद करता है।

अधोमुख श्वानासन करने का तरीका

  • सबसे पहले जमीन पर एकदम सीधे खड़े हो जाएंं और उसके बाद दोनों हाथों को आगे करते हुए नीचे जमीन की ओर झुक जाएं।
  • झुकते समय आपके घुटने सीधे होने चाहिए और कूल्हों(hips) के ठीक नीचे होने चाहिए जबकि आपके दोनों हाथ कंधे के बराबर नहीं बल्कि इससे थोड़ा सा पहले झुका होना चाहिए।
  • अपने हाथों की हथेलियों को झुकी हुई अवस्था में ही आगे की ओर फैलाएं और उंगलियां समानांतर रखें।
  • श्वास छोड़ें और अपने घुटनों को अधोमुख श्वानासन मुद्रा के लिए हल्का सा धनुष के आकार में मो़ड़े और एड़ियों को जमीन से ऊपर उठाएं।
  • हाथों को पूरी तरह जमीन पर रखें, लेकिन उंगलियां जमीन पर फैली होनी चाहिए।
  • इसके बाद अपने घुटनों को जमीन पर थोड़ा और झुकाएं और कूल्हों को जितना संभव हो ऊपर उठाएं।
  • सिर हल्का सा जमीन की ओर झुका होना चाहिए और पीठ के लाइन में ही होनी चाहिए। अब आप पूरी तरह अधोमुख श्वानासन मुद्रा में हैं।

ये आसन थकान और सुस्ती दूर करने में मदद करता है। इस आसन को रोज करने से सिर में रक्‍त संचार और ऑक्‍सीजन की सप्‍लाई बढ़ती है। गिरते बालों के लिए योगासन बेहद कारगर साबित होती हैं। ये न सिर्फ बालों को गिरने से रोकता है बल्कि नये बालों को उगाने में भी मदद करता है।

बाल बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्राणायाम

झड़ते हुए बालों को गिरने से रोकने और दोबारा उगाने में बालो के लिए योगासन के साथ साथ प्राणायाम बेहद फायदेमंद होता है। कुछ प्राणायाम के अभ्यास से न सिर्फ बाल गिरने की समस्या से छुटकारा मिलता है बल्कि हमारे संपूर्ण शरीर को लाभ मिलता है। अब मैं आपको तीन ऐसे प्राणायाम के बारे में बताऊंगी जो हेयर लॉस रोकने में मदद करते हैं।

कपालभाति प्राणायाम

रोजाना सुबह मात्र 10 मिनट कपालभाति प्राणायाम के अभ्यास से हमारे दिमाग की कोशिकाओं को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है। ये हमारे नर्व्स सिस्टम के लिए भी बहुत अच्छा है। कपालभाति प्राणायाम से शरीर के जहरीले टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसके साथ ही मोटापा और डाइबिटीज जैसे समस्या से निपटने में भी मदद करता है।

भस्त्रिका प्राणायाम

इस प्राणायाम के अभ्यास से शरीर से अतिरिक्त वायु, पित्त और बलगम को बाहर निकलने में आसानी मिलती है। ये हमारे नर्व्स सिस्टम को सुचारू तरीके से चलाने में और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। जिससे शरीर में शुद्ध वायु और रक्त संचार बढता है जिससे बालों को बहुत फायदा मिलता है और उनका गिरना कम हो जाता है।

नाड़ी शोधन प्राणायाम

नाड़ी शोधन प्राणायाम जैसा की नाम से पता चल रहा है नाडी का शुद्धीकरण करना, इसके निरंतर अभ्यास कई तरह की बिमारिय दूर करने में मदद मिलती है जैसे:- दिल की बीमारियां, अस्थमा, आर्थराइटिस/गठिया, डिप्रेशन, माइग्रेन, टेंशन/स्ट्रेस और आंखों की समस्याओं को को भी राहत मिलती है।

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ये योगासन और प्राणायाम सामान्य परिस्थितियों में होने वाले हेयरफॉल रोकने में मदद करते हैं। हालांकि, अगर कोई विशेष मेडिकल परिस्थिति हो तो इन्हें करने से पहले आप डॉक्टर और योग गुरु की सलाह पर ही करें हैं। इसके अलावा योग या प्राणायाम, शुरुआत में हमेशा योग गुरु या योग शिक्षक की मदद से ही करना चाहिए। जिससे आपको सही प्रकार से योग करने में मदद मिले और आपको योग का पूरा लाभ भी मिले।

बालों के लिए योगासन आर्टिकल आपको कैसा लगा? हमनें उन सभी महत्वपूर्ण बालों के लिए योगासन कोआपके साथ साझा किया है जो बालों के गिरने से रोकने में आपकी मदद करते हैं। बालों से जुडी किसी भी समस्या के लिए आप अपने सवाल और सुझाव हमें कमेन्ट (Comment) कर सकते हैं

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