पीरियड के दर्द का सबसे असरदार तरीका|Period Pain Relief Tips in Hindi 2022

Period Pain Relief Tips- महिलाओं में पीरियड्स का आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसे रोका या बाधित नहीं किया जा सकता लेकिन इससे होने वाले दर्द और दूसरी असुविधाओं को कम ज़रुर किया जा सकता है। वैस तो पीरियड के दौरान होने वाला दर्द सामान्य होता है, लेकिन कभी-कभी ये असहनीय (Periods Pain) पीड़ा देता है।

पीरियड्स के दौरान ज्यादातर महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जैसे- चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, बदनदर्द जैसे होने वाले असहनीय दर्द (Pain) बहुत ज्यादा परेशान करते हैं। कई महिलाएं जल्दी निजात पाने के लिए इस दौरान Period Pain Relief Tips का सहारा लेती हैं।

लेकिन आज हम आपके साथ Period Pain Relief Tips की सबसे असरदार तरीके बताने जा रहे हैं जिससे आप बहुत ही आसानी से पीरियड में होने वाले असहनीय दर्द से छुटकारा पा सकती हैं।

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पीरियड्स में दर्द क्यों होता है ?

Period Pain Relief Tips in Hindi
Period Pain Relief Tips in Hindi

महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दो तरह का दर्द होता है। पहले को प्राइमरी डिसमेनोरिया कहते हैं और दूसरे को सेकेंडरी डिसमेनोरिया। प्राइमरी डिसमेनोरिया में पेट के निचले भाग में दर्द होता है लेकिन यह कोई रोग नहीं है। यह दर्द सिर्फ पीरियड्स के शुरु होने पर होता है और 2 से 3 दिन में ठीक हो जाता है।

इस दौरान पेट के निचले भाग और जांघों में दर्द महसूस होता है और अगर गर्भाश्य में फाइब्रॉयड्स, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिज़ीज या एंडोमेट्रिओसिस जैसी कोई बीमारी हो तो पीरियड्स के दौरान तेज़ दर्द महसूस होता है और इसे ही सेकेंडरी डिसमेनोरिया कहा जाता है। यह पीरियड्स शुरु होने से एक हफ्ते पहले यह दर्द बढ़ जाता है और कभी-कभी इसकी वजह से कब्ज, गैस की शिकायत भी होती है।

प्राइमरी पेन Period Pain Relief Tips

यह दर्द आमतौर पर किशोर लड़कियों और युवा महिलाओं को होता है क्योंकि यह पीरियड्स की शुरुआत का संकेत है । पेट में ऐंठन गर्भाशय के सिकुड़ने के कारण होती है । गर्भाशय में खून की कमी के कारण भी दर्द हो सकता है। दर्द मुख्य रूप से पेट के निचले हिस्से में होता है लेकिन कई बार जांघों के पीछे और नीचे भी हो सकता है ।

कुछ महिलाओं को चिड़चिड़ापन महसूस होता है। यह एक प्राकृतिक स्थिति है और कई महिलाओं में दर्द की समस्या नही होती है इसलिए उनके लिए ये बस मामूली मासिक परेशानी है। इस दर्द को कुछ विश्राम तकनीकों से कम किया जा सकता है। जिसके बारे में हम आगे आपको बताने वाले हैं।

सेकेंडरी पेन Period Pain Relief Tips

सेकेंडरी पेन ज्यादातर 20 के उम्र के बाद देखने को मिलता है। यह दर्द सिर्फ पीरियड्स के महीने तक ही सीमित नहीं है बल्कि पूरी पीरियड साइकल 4 से 6 दिनों तक हो सकता है । इसमें पीरियड्स हैवी और अधिक लंबे समय तक भी हो सकते हैं और साथ ही सैक्स दर्दनाक हो सकता है।

अगर आप की उम्र 18 वर्ष से अधिक हैं और आप काफी ज्यादा पीरियड्स दर्द का अनुभव कर रही हैं, तो आपको Period Pain Relief Tips के लिए एक बार गायनाकॉलजिस्ट से परामर्श करने में संकोच नहीं करना चाहिए।

अगर मां को पीरियड्स में ज्यादा दर्द की समस्या होती है, तो संतान को भी पेन होने की संभावना बनी रहेगी । 40% महिलाओं में पीरियड के दर्द के साथ ही कुछ इस तरह के लक्षण होते हैं, जैसे कि सूजन आना, स्तन का कोमल हो जाना, पेट में सूजन, एकाग्रता में कमी, मूड में बदलाव, अकड़न और थकान आना।

पीरियड से पहले पेट में दर्द क्यों होता है

पीरियड्स के से पहले लड़कियों को पेट में दर्द और ऐंठन जैसी समस्या शुरु हो जाती है । कभी-कभी यह सूजन भी जान पड़ती है । मगर कईं लड़कियों को पीरियड्स के दो दिन पहले से ही यह समस्या शुरु हो जाती है, जो अच्छा संकेत नहीं है । पीरियड्स से पहले और पीरियड्स के दौरान महसूस होने वाले इस दर्द को डिसमेनोरियल कहते हैं परंतु 90 प्रतिशत महिलाओं को यह समस्या यूट्रस में ऐंठन की वजह से होती है।

जब यूट्रस संकुचन प्रक्रिया शुरु करता है तो प्रोस्टाग्लैंडीन हार्मोन रिलीज़ होते हैं । इसी दौरान यूट्रस से थक्के भी बाहर निकल आते हैं, जिसकी वजह से दर्द ज्यादा महूसस होता है। कईं बार इसके कारण फाइब्रॉएड और एंडोमेट्रियोसिस भी हो सकता है ।

आपके मासिक धर्म के पहले दिन आपका प्रोस्टाग्लैंडीन स्तर सबसे अधिक होता है, यही वजह है कि मासिक धर्म का दर्द आमतौर पर तब ज्यादा होता है। जैसे-जैसे आपकी अवधि बढ़ती है और गर्भाशय की परत गिरती है, आपका प्रोस्टाग्लैंडीन स्तर कम हो जाता है और दर्द में रहत मिलना शुरू हो जाती है।

पीरियड की अवधि कितनी होती है?

किसी-किसी को मासिक धर्म (Periods) 3 दिनों का समय लगता है तो किसी को 5 से 6 दिनों तक का समय भी लगता है। ये दोनों ही स्थितियां सामान्य है। इसलिए इसमें परेशान होने की कोई आवश्यकता नही है Period Pain Relief Tips की मदद से आप इनमें होने वाले परेशानियों से छुटकारा पा सकती हैं।

पीरियड के दर्द को कम करने के असरदार तरीके

जिन महिलाओं में Period के दौरान दर्द नही होता है उनके लिए यह एक सामान्य दिनों की तरह ही होता है ज्यादातर महिलाओं को इसमें असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है जिसके करण उनके Period के 3 से 5 दिन काफी ज्यादा कठिनाई भरे हो जाते है पीरियड में होने वाले दर्द से रहत पाने के लिए आप इन Period Pain Relief Tips को अपना सकती है।

पीरियड के दर्द को दूर करने के लिए पेनकिलर का सेवन सही नहीं है। पेनकिलर के स्थान पर इस दर्द को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपायों का इस्तेमाल करना एक अच्छा तरीका है। इन तरीकों की मदद से आसानी से पीरियड में होने वाले दर्द में आराम पाया जा सकता है।

पीरियड में इनका सेवन है लाभकारी

नीचे बताये गये कुछ मुख्य खाद्य पदार्थ रक्त प्रवाह को बढ़ावा देने और आपके गर्भाशय को आराम देने में मदद करते हैं। जिससे पीरियड के दौरान होने वाला दर्द काफी कम हो जाता है उनसे लिए आप-जामुन, टमाटर, अनानास और मसाले जैसे हल्दी, अदरक या लहसुन खाने की कोशिश करें। उसके साथ ही पत्तेदार हरी सब्जियां, बादाम, अखरोट और वसायुक्त मछली, जैसे सैल्मन, भी सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

विटामिन डी आपके शरीर को कैल्शियम को अवशोषित करने और सूजन को कम करने में मदद करता है। ओमेगा -3, विटामिन ई और मैग्नीशियम सहित अन्य पूरक, सूजन को कम करने में मदद करते हैं और आपके पीरियड्स को कम दर्दनाक भी बना सकते हैं। सर्वोत्तम परिणामों के लिए, केवल अपने मासिक धर्म के दौरान ही नहीं, हर दिन पूरक आहार लें।

अपने आहार में मैग्नीशियम बढ़ाएं

आहार में मौजूद मैग्नीशियम ऐंठन के दर्द को कम करने में मदद करता है इसके लिए बादाम, काली बीन्स, पालक, दही और पीनट बटर सहित कई खाद्य पदार्थों में मैग्नीशियम पाया जाता है।

दर्द से राहत के लिए तेल से मालिश करें

पीरियड्स (Periods Pain) के दौरान दर्द से जल्द निजात पाने के लिए आप नारियल या तिल के तेल से पेट के निचले हिस्से में मसाज कर सकती हैं. बता दें कि नारियल और तिल के तेल में एंटीऑक्सिडेंट, एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण और लिनोलिक एसिड पाया जाता है, जो मांसपेशियों की एंठन को कम करता है और दर्द से छुटकारा (Pain Relief Home Remedies) दिलाता है

ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में प्रकाशित शोध के अनुसार, जब शोधकर्ताओं ने 33 महिलाओं को कम वसा वाले शाकाहारी भोजन पर रखा, तो उन्होंने पाया कि इससे उनकी ऐंठन कम हुई।

द जर्नल ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी रिसर्च में प्रकाशित शोध के अनुसार, कुछ सुगंधित आवश्यक तेलों से आपकी त्वचा की मालिश करने से मासिक धर्म में होने वाली ऐंठन के दर्द से राहत मिल सकती है। जांचकर्ताओं ने मासिक धर्म में ऐंठन और अन्य लक्षणों वाली 48 महिलाओं को मासिक धर्म के बीच अपने निचले पेट में आवश्यक तेलों या सिंथेटिक सुगंध की मालिश करने के लिए कहा।

दोनों समूहों की महिलाओं ने कम दर्द की सूचना दी, लेकिन आवश्यक तेलों के समूह ने बेहतर प्रदर्शन किया। महिलाओं की रिपोर्ट के आधार पर, शोधकर्ताओं ने पाया कि आवश्यक तेलों के साथ मालिश करने के बाद दर्द की अवधि को कम किया जा सकता है

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ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में प्रकाशित शोध के अनुसार, जब शोधकर्ताओं ने 33 महिलाओं को कम वसा वाले शाकाहारी भोजन पर रखा, तो उन्होंने पाया कि इससे उनकी ऐंठन कम हुई।

पीरियड गर्म पानी का सेंक है जरुरी

पीरियड्स में पेट और कमर में तेज़ दर्द होता है, और थोड़ी सी गर्मी आपकी मांसपेशियों को आराम करने, रक्त प्रवाह में सुधार करने और तनाव को दूर करने में मदद कर सकती है। हीटिंग पैड, या गर्म आपनी की बोतल से अपने पेट को दिन में 2 से 3 बार सेकने की कोशिश करें, इसके साथ ही गर्म का स्नान भी आपके दर्द को कम करने में मदद करता है।

हर्बल चाय का लें आनन्द

पोषण विशेषज्ञ सोन्या एंजेलोन कहती हैं, हर्बल चाय में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीस्पास्मोडिक यौगिक होते हैं जो गर्भाशय में मांसपेशियों की ऐंठन को कम करते हैं जो ऐंठन का कारण बनते हैं। Period Pain Relief Tips

मासिक धर्म के दर्द से राहत के लिए हर्बल चाय परपर हुए शोध बताते है, कि सदियों से कई संस्कृतियों में मासिक धर्म वाली महिलाओं द्वारा चाय का उपयोग किया जाता रहा है। मासिक धर्म के दर्द के लिए कैमोमाइल और पेपरमिंट चाय की अक्सर सिफारिश की जाती है क्योंकि ये शरीर को शांत करती हैं।

अदरक का सेवन भी है फायदेमंद

पीरियड्स में होने वाले दर्द को दूर करने के लिए अदरक का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद है । एक कप पानी में अदरक के टुकड़े को बारीक काटकर उबाल लें, टेस्ट के लिए आप इसमें मिश्री या ब्राउन सुगर भी मिला सकती हैं।

गुणकारी है अजवाइन

पीरियड्स के दिनों में महिलाओं में गैस की समस्या ज़्यादा बढ़ जाती है । गैस की प्रॉब्लम की वजह से भी पेट में दर्द होता है । जिसे दूर करने के लिए अजवाइन सबसे अच्छा विकल्प है । आधा चम्मच अजवाइन में आधा चम्मच नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ पीने से पीरियड्स में तुरंत राहत मिलती है ।

पपीता खाएं

पीरियड के दिनों में कई बार गैस और बदहजमी की शिकायत देखने को मिलती है इसलिए पीरियड्स के दिनों में पपीता खाना पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। इससे ब्लड का फ्लो भी ठीक रहता है। पीरियड्स के दिनों में पपीता खाने से दर्द में भी आराम मिलता है। Period Pain Relief Tips in Hindi

तुलसी का इस्तेमाल

जैसा की आप सभी जानती हैं, तुलसी एक नैचुरल पेनकिलर और एंटीबॉयोटिक की तरह काम करती है। तो अगर आपको भी पीरियड के दौरान तेज़ दर्द होता है तो चाय बनाते वक्त उसमें तुलसी के पत्ते डालें, या फिर सादे पानी में भी तुलसी की 10 से 12 पत्ते डालकर उबालें, और उसको थोड़ा थोड़ा करके पियें।

पीरियड के दर्द को कम करने वाले योगासन

सितंबर 2016 में जर्नल ऑफ अल्टरनेटिव में प्रकाशित एक अध्ययन के शोधकर्ताओं के अनुसार, जब 20 स्नातक छात्रों ने तीन महीने के लिए सप्ताह में एक बार एक घंटे का योग कार्यक्रम किया, तो उन्हें 20 महिलाओं की तुलना में मासिक धर्म में ऐंठन और मासिक धर्म की परेशानी कम थी।

इसलिए पीरियड के दौरान हलके योगासन दर्द के लिए लाभकारी होते है इसमें आप उन योगासन का अभ्यास कर सकती है जिसमे आप आराम महसूस करें।

पीरियड इनसे करें परहेज

पीरियड के दौरान चीनी, ट्रांस वसा और उच्च नमक वाले भोजन सूजन का कारण बन सकता है, जिससे मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन पैदा हो जाती है। इसलिए पीरियड में इस तरह की चीजों को खाने से परहेज करें और शुगर क्रेविंग होने पर आप एक केला या कोई अन्य फल लें सकती है, या अगर आप कुछ और नमकीन खाना पसंद करती हैं तो अनसाल्टेड नट्स लें सकती हैं।

कैफीन से परहेज करें

कैफीन आपके रक्त वाहिकाओं को संकीर्ण करने का कारण बनता है। यह आपके गर्भाशय को संकुचित कर सकता है, जिससे ऐंठन अधिक दर्दनाक हो सकती है। इसलिए कैफीन के सेवन से बचे और। Period Pain Relief Tips in Hindi

तनाव कम करें

तनाव ऐंठन को और ज्यादा बढ़ा सकता है। तनाव को दूर करने के लिए ध्यान लगायें, गहरी सांस लेने, योग या अपने पसंदीदा तरीके जैसी तनाव राहत तकनीकों का उपयोग करें।तनाव को कम करने का सबसे आसान तरीका है। बस अपनी आंखें बंद करें, एक गहरी सांस लें और एक शांत, सुन्दर जगह की कल्पना करें जो आपके लिए महत्वपूर्ण हो। धीमी, गहरी सांस लेते हुए कम से कम कुछ मिनट इस स्थान पर केंद्रित रहें।

वैकल्पिक चिकित्सा का प्रयास करें

कुछ लोग वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों जैसे एक्यूपंक्चर और एक्यूप्रेशर से राहत पाते का प्रयास करते हैं। एक्यूपंक्चर एक ऐसा अभ्यास है जो त्वचा में सुई लगाकर शरीर को उत्तेजित करता है। एक्यूप्रेशर शरीर के कुछ बिंदुओं पर दबाव डालकर बिना सुइयों के शरीर को उत्तेजित करता है। ये अभ्यास आपको आराम करने, मांसपेशियों के तनाव को दूर करने और आपके पूरे शरीर में रक्त के प्रवाह में सुधार करने में मदद करते हैं।

निष्कर्ष

जैसा की Period Pain Relief Tips में आपने जाना अगर आप कुछ सावधानियां और परहेज करेंगी तो वह पीरियड्स में होने वाली परेशानियों से आराम से बाहर आ सकती हैं । दिनचर्या में बदलाव और खान-पान में संतुलन रखकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है।Period Pain Relief Tips in Hindi

पीरियड के दर्द को कम करने के लिए क्या करें?

पीरियड के दर्द को कम करने के लिए अपने आहार में मौजूद मैग्नीशियम ऐंठन के दर्द को कम करने में मदद करता है इसके लिए बादाम, काली बीन्स, पालक, दही और पीनट बटर सहित कई खाद्य पदार्थों में मैग्नीशियम पाया जाता है।

पीरियड में कैसे सोना चाहिए?

पीरियड के दर्द को कम करने लिए सोते समय पैरों के बीज तकिया लगा कर, इसके साथ ही फ़्लैट पोजीसन में सोते समय तकिये को घुटनों के नीचे लगाने से दर्द में राहत मिलती है और अच्छे नींद आती है।

पीरियड में क्या नही खाना चाहिए?

पीरियड के दौरान चीनी, ट्रांस वसा और उच्च नमक वाले भोजन सूजन का कारण बन सकता है, जिससे मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन पैदा हो जाती है। इसलिए पीरियड में इस तरह की चीजों को खाने से परहेज करें और शुगर क्रेविंग होने पर आप एक केला या कोई अन्य फल लें सकती है, या अगर आप कुछ और नमकीन खाना पसंद करती हैं तो अनसाल्टेड नट्स लें सकती हैं।

क्या पीरियड में गर्म पानी की सिकाई से आराम मिलता है?

पीरियड्स में पेट और कमर में तेज़ दर्द होता है, और थोड़ी सी गर्मी आपकी मांसपेशियों को आराम करने, रक्त प्रवाह में सुधार करने और तनाव को दूर करने में मदद कर सकती है। हीटिंग पैड, या गर्म आपनी की बोतल से अपने पेट को दिन में 2 से 3 बार सेकने की कोशिश करें, इसके साथ ही गर्म का स्नान भी आपके दर्द को कम करने में मदद करता है।

पीरियड में दर्द क्यों होता है?

आपके मासिक धर्म के पहले दिन आपका प्रोस्टाग्लैंडीन स्तर सबसे अधिक होता है, यही वजह है कि मासिक धर्म का दर्द आमतौर पर तब ज्यादा होता है। जैसे-जैसे आपकी अवधि बढ़ती है और गर्भाशय की परत गिरती है, आपका प्रोस्टाग्लैंडीन स्तर कम हो जाता है और दर्द में रहत मिलना शुरू हो जाती है।

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